Home मध्यप्रदेश MP News: मुख्यमंत्री का साला बताकर कर ली करोड़ों की ठगी, ग्वालियर में ठेकेदार से जमीन के नाम पर धोखाधड़ी

MP News: मुख्यमंत्री का साला बताकर कर ली करोड़ों की ठगी, ग्वालियर में ठेकेदार से जमीन के नाम पर धोखाधड़ी

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MP News: मुख्यमंत्री का साला बताकर कर ली करोड़ों की ठगी, ग्वालियर में ठेकेदार से जमीन के नाम पर धोखाधड़ी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जमीन के सौदे के नाम पर एक ठेकेदार से ₹1.5 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मुख्यमंत्री का साला बताकर ठेकेदार को न सिर्फ गुमराह किया, बल्कि बाद में उसे धमकाने और मारपीट तक करने की बात सामने आई है।

ठेकेदार से हुई दोस्ती और फिर जमीन सौदे का झांसा

अमित सिरोठिया, जो कि पेशे से ठेकेदार हैं, ने पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात विजय यादव नाम के व्यक्ति से हुई थी। विजय ने खुद को बेहट के एक कॉलेज का प्रोफेसर और मुख्यमंत्री का साला बताया। उसने अमित को 10,000 वर्गफीट जमीन बेचने की बात कही, जिसके एवज में अमित ने उसे चेक और कैश के रूप में ₹1.5 करोड़ दे दिए।

न रजिस्ट्री कराई, न पैसे लौटाए- आरोपी हुआ गायब

रकम मिलने के बाद विजय यादव न तो जमीन की रजिस्ट्री करवा सका और न ही पैसे लौटाए। बाद में पता चला कि जमीन विजय की नहीं, बल्कि उसके ससुर की है, जिसमें उसकी पत्नी का भी हिस्सा है। विजय धीरे-धीरे टालमटोल करता रहा और फिर अचानक गायब हो गया।

ऑफिस में धमकी, पत्नी और ड्राइवर से मारपीट

बुधवार को अमित, अपनी पत्नी प्रीति और ड्राइवर अजय जाटव के साथ विजय के ऑफिस पहुंचे, जहां विजय ने जान से मारने की धमकी दी, और प्रीति तथा ड्राइवर के साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों ने थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

दूसरी महिला भी पहुंची थाने, ₹50 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

जब पुलिस में शिकायत दी जा रही थी, उसी दौरान एक महिला भी थाने पहुंची और विजय यादव पर ₹50 लाख की ठगी का आरोप लगाया। उसने कहा कि विजय खुद को अमित शाह का करीबी भी बताता है और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर धमकाता है।

पुलिस कर रही है जांच, दोनों पक्षों के आवेदन लिए

फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों से आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर पुलिस का कहना है कि जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या राजनीतिक रसूख के दावे करने वाला आरोपी कानून के शिकंजे में आएगा या फिर पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

यह मामला सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं बल्कि सिस्टम और भरोसे के साथ छल का उदाहरण बनकर सामने आया है। आरोपी के प्रभावशाली दावे और लगातार शिकायतें एक गंभीर जांच की मांग करते हैं।

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